गिलोय के औषधिय गुण-
गिलोय में कई गुणकारी तत्व होते हैं। यह दिखने में पान के पत्ते जैसा लगता है। इसके अन्दर कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन और स्टार्च काफी मात्रा में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।खून की कमी दूर करने में मददगार- इसके साथ ही गिलोय आपके शरीर में खून की कमी को भी पूरा करने में काफी मददगार होता है। इसके अलावा गिलोय कई अन्य शारीरिक परेशानियों को दूर करके आपको निरोग बनाता है।
जलन- शरीर के किसी भी हिस्से की जलन को कम करने में गिलोय काफी सहायक होता है। शरीर के किसी भी हिस्से में जलन होने पर आप बेफिक्र होकर गिलोय का सेवन कर सकते हैं। इसका काढ़ा बनाकर आप दिन में 2 या 3 बार पीएं, कुछ ही दिनों में जलन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
पीलिया- पीलिया में गिलोय रामबाण इलाज है। पीलिया होने पर गिलोय के पत्ते लेकर उसे अच्छी तरह से पीस लें और उसका रस निकाल लें। गिलोय का रस निकालने के बाद एक गिलास मट्ठे के साथ इसे मिलाकर इसका सेवन करें।
मोटापा कम करने में- मोटापा कम करने के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल होता है। अगर आपको भी मोटापे की समस्या है तो आप गिलोय और त्रिफला चूर्ण को शहद के साथ हर रोज सुबह-शाम ले सकते हैं।
खुजली- बहुत लोगों को खुजली की समस्या होती है। ऐसे में गिलोय बहुत फायदेमंद होता है। गिलोय खुजली दूर करने में काफी सहायक होता है। गिलोय के पत्ते लेकर उसे हल्दी के साथ मिलाकर पीस लें और खुजली वाली जगह पर लगाइए। खुजली होने पर आप हर रोज सुबह-शाम गिलोय के रस को शहद के साथ भी ले सकते हैं।
कान दर्द- कान के दर्द को ठीक करने में भी गिलोय काफी मददगार होता है। जब भी आपके कान में दर्द हो तो आप गिलोय के पत्ते से रस निकालकर इसे हल्का गुनगुना कर लें। गुनगुना हो जाने के बाद आप गिलोय के रस को कान में डालें। कुछ ही समय में आपको कान के दर्द से आराम मिलेगा।
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