शनिवार, 1 फ़रवरी 2025

हार्ट अटैक से बचने के रामवाण उपाय

हार्ट अटैक से बचने के रामबाण उपाय | दिल को रखें स्वस्थ और मजबूत

आज के समय में हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और तनाव इसके मुख्य कारण हैं। लेकिन अगर सही समय पर सही कदम उठाए जाएं, तो हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस ब्लॉग में हम आपको हार्ट अटैक से बचने के रामबाण उपाय बताएंगे, जो आपके दिल को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखेंगे।

हार्ट अटैक के मुख्य कारण

हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की धमनियों में रुकावट आ जाती है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

असंतुलित आहार – ज्यादा तेल-घी, जंक फूड और मीठा खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
शारीरिक गतिविधियों की कमी – रोजाना एक्सरसाइज न करने से दिल की धमनियां कमजोर हो जाती हैं।
अत्यधिक तनाव – मानसिक तनाव भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण हो सकता है।
धूम्रपान और शराब – ये आदतें धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं और रक्तचाप बढ़ाती हैं।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर – अगर इनका सही से नियंत्रण न किया जाए, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

हार्ट अटैक से बचने के रामबाण उपाय

1. हेल्दी डाइट अपनाएं

स्वस्थ दिल के लिए सही खानपान बहुत जरूरी है। इन चीजों को अपने आहार में शामिल करें:
हरी सब्जियां और फल – इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय को सुरक्षित रखते हैं।
सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) – बादाम, अखरोट और अलसी के बीज (फ्लैक्स सीड्स) दिल के लिए फायदेमंद हैं।
ओमेगा-3 युक्त आहार – मछली, सोयाबीन और चिया सीड्स अच्छे स्रोत हैं।
नमक और शुगर कम करें – ज्यादा नमक और मीठा खाने से ब्लड प्रेशर और डायबिटीज बढ़ सकता है।

2. रोजाना व्यायाम करें

शारीरिक गतिविधियां दिल की धमनियों को स्वस्थ रखती हैं।
30 मिनट वॉक करें – रोजाना तेज चाल से चलना हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है।
योग और प्राणायाम करें – अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम से दिल मजबूत होता है।
कार्डियो एक्सरसाइज करें – साइक्लिंग, दौड़ना, रस्सी कूदना भी फायदेमंद हैं।

3. वजन को नियंत्रित रखें

मोटापा हृदय रोगों का मुख्य कारण है। अपने BMI (बॉडी मास इंडेक्स) को सही बनाए रखें और अनावश्यक वजन न बढ़ने दें।

4. तनाव को कम करें

मानसिक तनाव हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है।
मेडिटेशन और ध्यान करें – यह दिमाग को शांत और तनावमुक्त रखता है।
परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं – इससे मानसिक शांति मिलती है।
अच्छी नींद लें – कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।

5. धूम्रपान और शराब से बचें

✔ सिगरेट और शराब दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
✔ अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे तुरंत छोड़ने की कोशिश करें।

6. नियमित हेल्थ चेकअप कराएं

हर 6 महीने में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल की जांच करवाएं। इससे हृदय रोगों की संभावना को पहले ही पहचाना जा सकता है और समय पर उपाय किए जा सकते हैं।

7. देसी और प्राकृतिक उपाय अपनाएं

लहसुन का सेवन करें – यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रक्त संचार को सही रखता है।
गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पिएं – यह हृदय को स्वस्थ रखता है।
आंवला खाएं – यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और दिल के लिए फायदेमंद है।

निष्कर्ष

अगर आप इन हार्ट अटैक से बचने के रामबाण उपाय को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे, तो आपका दिल लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत बना रहेगा। सही खानपान, व्यायाम, तनाव प्रबंधन और हेल्थ चेकअप से आप इस गंभीर समस्या से बच सकते हैं।

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आपका दिल स्वस्थ रहे, आप खुश रहें!

गुरुवार, 30 जनवरी 2025

भीगे हुए चने खाने के फायदे

भीगे हुए काले चने खाने के जबरदस्त फायदे | स्वास्थ्य के लिए वरदान

भूमिका:
काले चने भारतीय खान-पान का अहम हिस्सा हैं। ये प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। खासतौर पर भीगे हुए काले चने खाने के फायदे अनेक हैं, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान, दोनों ही काले चने को पोषण का खजाना मानते हैं।

आइए जानते हैं भीगे हुए काले चने खाने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ।


1. मांसपेशियों को मजबूत बनाएं

काले चने प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जो मांसपेशियों के विकास और मजबूती के लिए आवश्यक है। नियमित रूप से सुबह भीगे हुए चने खाने से शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलता है, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं।


2. वजन घटाने में मददगार

अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो भीगे हुए काले चने आपके डाइट में जरूर शामिल होने चाहिए। इनमें फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार खाने की आदत कम होती है।


3. पाचन तंत्र को मजबूत बनाएं

भीगे हुए काले चने में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है।


4. डायबिटीज में फायदेमंद

काले चने में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक होता है।


5. हृदय स्वास्थ्य में सुधार

काले चने में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करके दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है।


6. एनर्जी बूस्टर

भीगे हुए काले चने आयरन का अच्छा स्रोत होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं। यह कमजोरी और थकान को दूर करके शरीर को ऊर्जावान बनाए रखते हैं।


7. बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद

काले चने में प्रोटीन, जिंक और विटामिन B6 होता है, जो बालों को मजबूत बनाता है और स्किन हेल्थ में सुधार करता है। यह त्वचा को चमकदार बनाता है और मुंहासों की समस्या को दूर करता है।


भीगे हुए काले चने कैसे खाएं?

  1. रातभर पानी में काले चने भिगोकर रखें।
  2. सुबह इन्हें अच्छे से धोकर कच्चा खाएं या हल्का भूनकर सेवन करें।
  3. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू, काला नमक और अदरक मिला सकते हैं।

निष्कर्ष:

भीगे हुए काले चने सस्ते, पौष्टिक और सेहतमंद होते हैं। इन्हें रोजाना अपनी डाइट में शामिल करके आप कई स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। खासतौर पर सुबह खाली पेट भीगे हुए काले चने खाने से शरीर को अधिक लाभ मिलता है।

अगर आप फिट और स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो आज से ही भीगे हुए काले चने को अपने आहार में शामिल करें और इसके चमत्कारी फायदों का आनंद लें!

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सफेद बाल काला करने के उपाय

सफेद बालों को काला करने के उपाय – प्राकृतिक और असरदार तरीके

आज के समय में कम उम्र में ही बाल सफेद होना एक आम समस्या बन गई है। असंतुलित खानपान, तनाव, प्रदूषण और केमिकल युक्त उत्पादों के ज्यादा इस्तेमाल से बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और प्राकृतिक तरीके से अपने सफेद बालों को काला करना चाहते हैं, तो यहां कुछ असरदार घरेलू नुस्खे बताए गए हैं।

सफेद बालों को काला करने के प्राकृतिक उपाय

1. आंवला और नारियल तेल

आंवला बालों के लिए एक वरदान है। यह बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने और मजबूत बनाने में मदद करता है।
कैसे इस्तेमाल करें?

  • 2-3 आंवला को छोटे टुकड़ों में काट लें और इसे नारियल तेल में उबालें।
  • जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे छानकर बालों की जड़ों में लगाएं।
  • हफ्ते में 2-3 बार इस तेल का इस्तेमाल करें।

2. मेंहदी और कॉफी पाउडर

मेंहदी न केवल बालों को रंग देती है बल्कि उन्हें पोषण भी देती है।
कैसे इस्तेमाल करें?

  • 2 चम्मच कॉफी पाउडर को पानी में उबालें।
  • इसमें 4-5 चम्मच मेंहदी मिलाकर पेस्ट बना लें।
  • इस मिश्रण को बालों में लगाकर 1-2 घंटे तक छोड़ दें।
  • इसके बाद बालों को माइल्ड शैम्पू से धो लें।

3. करी पत्ता और नारियल तेल

करी पत्ता बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने में मदद करता है।
कैसे इस्तेमाल करें?

  • एक मुट्ठी करी पत्तों को नारियल तेल में उबालें।
  • जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे छानकर स्कैल्प पर मसाज करें।
  • नियमित रूप से इस तेल का इस्तेमाल करें।

4. बड़ी इलायची और नारियल तेल

बड़ी इलायची में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो बालों को काला बनाए रखने में मदद करते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें?

  • 4-5 बड़ी इलायची को पीसकर नारियल तेल में मिलाएं।
  • इस तेल से स्कैल्प की मालिश करें और रातभर छोड़ दें।
  • सुबह हल्के शैम्पू से धो लें।

5. भृंगराज तेल

भृंगराज तेल बालों को मजबूत और काला बनाने के लिए जाना जाता है।
कैसे इस्तेमाल करें?

  • सोने से पहले भृंगराज तेल से स्कैल्प की मसाज करें।
  • रातभर इसे छोड़ दें और सुबह धो लें।
  • हफ्ते में 2-3 बार इस्तेमाल करें।

सफेद बालों को रोकने के लिए जरूरी टिप्स

  • आयरन और प्रोटीन युक्त आहार लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
  • केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स का कम इस्तेमाल करें।
  • ज्यादा गर्म पानी से बाल धोने से बचें।

अगर आप इन प्राकृतिक उपायों को अपनाएंगे, तो कुछ ही हफ्तों में आपको फर्क दिखने लगेगा। बालों की सही देखभाल करके सफेद बालों की समस्या को दूर किया जा सकता है।

निष्कर्ष

सफेद बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने के लिए घरेलू नुस्खे सबसे अच्छे विकल्प हैं। आंवला, मेंहदी, करी पत्ता और भृंगराज जैसे प्राकृतिक तत्व बालों को मजबूती देने के साथ-साथ उनका रंग भी बनाए रखते हैं। इन उपायों को अपनाकर आप अपने बालों को स्वस्थ और घना बना सकते हैं।

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शनिवार, 20 मई 2017

अजवायन खाने के फायदे

## **अजवायन खाने के फायदे और गुण | स्वास्थ्य के लिए अजवायन के चमत्कारी लाभ**  

अजवायन (Carom Seeds) भारतीय रसोई में एक महत्वपूर्ण मसाला है, जिसे न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए, बल्कि इसके औषधीय गुणों के कारण भी इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद में अजवायन को एक प्राकृतिक औषधि माना गया है, जो पेट से जुड़ी समस्याओं से लेकर सर्दी-जुकाम तक में फायदेमंद होती है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे **अजवायन के फायदे, इसके गुण और इसके उपयोग करने के तरीके।**  

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### **अजवायन के गुण (Ajwain ke Gun)**  
अजवायन में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो इसे एक बेहतरीन हर्बल दवा बनाते हैं। इसमें मौजूद थायमॉल (Thymol) एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल तत्व होता है। इसके अलावा, इसमें we, प्रोटीन, मिनरल्स (कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम), और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो इसे सेहत के लिए बेहद लाभकारी बनाते हैं।  

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## **अजवायन खाने के 10 बड़े फायदे (Ajwain Khane ke Fayde)**  

### **1. पाचन शक्ति बढ़ाए**  
अजवायन पेट के लिए रामबाण मानी जाती है। यह गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करती है। एक गिलास गुनगुने पानी के साथ अजवायन लेने से पेट की समस्याओं में आराम मिलता है।  

### **2. वजन कम करने में सहायक**  
अजवायन मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे फैट जल्दी बर्न होता है। रोज सुबह खाली पेट अजवायन का पानी पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है।  

### **3. सर्दी और खांसी से राहत**  
अजवायन में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो सर्दी, जुकाम और कफ से राहत दिलाते हैं। गर्म पानी में अजवायन उबालकर पीने से गले की खराश में आराम मिलता है।  

### **4. जोड़ों के दर्द में लाभकारी**  
अजवायन का तेल गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत देता है। अजवायन को सरसों के तेल में गर्म करके प्रभावित जगह पर मालिश करने से दर्द कम होता है।  

### **5. इम्यूनिटी को मजबूत करे**  
अजवायन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे बीमारियां दूर रहती हैं।  

### **6. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे**  
अजवायन में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है। हाई बीपी के मरीजों के लिए यह बेहद फायदेमंद है।  

### **7. त्वचा के लिए फायदेमंद**  
अजवायन का पेस्ट लगाने से मुंहासे, स्किन एलर्जी और खुजली की समस्या दूर होती है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो त्वचा संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं।  

### **8. मासिक धर्म की तकलीफों में राहत**  
अजवायन का पानी पीने से पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन में राहत मिलती है। यह हार्मोन बैलेंस करने में भी मदद करता है।  

### **9. डिटॉक्स करने में मददगार**  
अजवायन शरीर से विषाक्त पदार्थ (toxins) बाहर निकालकर शरीर को डिटॉक्स करता है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर होता है।  

### **10. मुंह की दुर्गंध और दांतों की समस्या दूर करे**  
अजवायन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों के दर्द और मुंह की दुर्गंध को दूर करने में सहायक होते हैं।  

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## **अजवायन के उपयोग (Ajwain Ke Upyog)**  
1. **अजवायन पानी:** 1 चम्मच अजवायन को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छानकर पिएं।  
2. **अजवायन का काढ़ा:** सर्दी-जुकाम में इसे तुलसी और शहद के साथ उबालकर पिएं।  
3. **अजवायन और गुड़:** गैस और पेट दर्द में गुड़ के साथ अजवायन खाना फायदेमंद होता है।  
4. **अजवायन का तेल:** जोड़ दर्द और स्किन इंफेक्शन में इसका तेल लगाया जाता है।  
5. **अजवायन का पेस्ट:** त्वचा की जलन और मुंहासों के लिए इसका लेप लगाया जा सकता है।  

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## **निष्कर्ष (Conclusion)**  
अजवायन एक प्राकृतिक औषधि है, जो न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि कई बीमारियों से बचाव करने में भी मदद करती है। अगर इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं। आप अपनी दिनचर्या में अजवायन को शामिल करके इसके अद्भुत लाभ पा सकते हैं।  

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शुक्रवार, 19 मई 2017

गिलोंए रस फायदे

गिलोय के औषधिय गुण-

  गिलोय में कई गुणकारी तत्व होते हैं। यह दिखने में पान के पत्ते जैसा लगता है। इसके अन्दर कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन और स्टार्च काफी मात्रा में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

  खून की कमी दूर करने में मददगार- इसके साथ ही गिलोय आपके शरीर में खून की कमी को भी पूरा करने में काफी मददगार होता है। इसके अलावा गिलोय कई अन्य शारीरिक परेशानियों को दूर करके आपको निरोग बनाता है।


 जलन- शरीर के किसी भी हिस्से की जलन को कम करने में गिलोय काफी सहायक होता है। शरीर के किसी भी हिस्से में जलन होने पर आप बेफिक्र होकर गिलोय का सेवन कर सकते हैं। इसका काढ़ा बनाकर आप दिन में 2 या 3 बार पीएं, कुछ ही दिनों में जलन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

 पीलिया- पीलिया में गिलोय रामबाण इलाज है। पीलिया होने पर गिलोय के पत्ते लेकर उसे अच्छी तरह से पीस लें और उसका रस निकाल लें। गिलोय का रस निकालने के बाद एक गिलास मट्ठे के साथ इसे मिलाकर इसका सेवन करें।

 मोटापा कम करने में- मोटापा कम करने के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल होता है। अगर आपको भी मोटापे की समस्या है तो आप गिलोय और त्रिफला चूर्ण को शहद के साथ हर रोज सुबह-शाम ले सकते हैं।

 खुजली- बहुत लोगों को खुजली की समस्या होती है। ऐसे में गिलोय बहुत फायदेमंद होता है। गिलोय खुजली दूर करने में काफी सहायक होता है। गिलोय के पत्ते लेकर उसे हल्दी के साथ मिलाकर पीस लें और खुजली वाली जगह पर लगाइए। खुजली होने पर आप हर रोज सुबह-शाम गिलोय के रस को शहद के साथ भी ले सकते हैं।

 कान दर्द- कान के दर्द को ठीक करने में भी गिलोय काफी मददगार होता है। जब भी आपके कान में दर्द हो तो आप गिलोय के पत्ते से रस निकालकर इसे हल्का गुनगुना कर लें। गुनगुना हो जाने के बाद आप गिलोय के रस को कान में डालें। कुछ ही समय में आपको कान के दर्द से आराम मिलेगा।

सुवह खाली पेट मेथी खाने के लाभ

 खाली पेट मेथी खाने के फायदे-

   मेथी ना सिर्फ एक मसाला है बल्‍कि यह बहुत सी बीमारियों को जड़ से खत्म करने की दवा भी है। आज हम आपको मेथी के गुणों बताने जा रहे है।
 मेथी में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं जो आपकी बहुत सी बिमारियों को ठीक करने में सहायक होते हैं।

आपको करना सिर्फ इतना है कि एक पानी से भरा गिलास ले कर उसमें दो चम्‍मच मेथी दाना डाल कर रातभर के लिये भिगो दें। सुबह इस पानी को छानें और खाली पेट पी जाएं।

वजन कम करने में सहायक- यदि आप भिगोई हुई मेथी के साथ उसका पानी भी पियें तो आपको जबरदस्‍ती की भूख नहीं लगेगी। रोज एक महीने तक मेथी का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करे- मेथी में एक galactomannan नामक कम्‍पाउंड और पोटैशियम होता है। ये दो सामग्रियां आपके ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बड़ी ही सहायक होती हैं।

कोलेस्‍ट्रॉल लेवल घटाए- बहुत सारी स्‍टडीज़ में प्रूव हुआ है कि मेथी खाने से या उसका पानी पीने से शरीर से खराब कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम होकर अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

गठिया रोग से बचाए- इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के नाते, मेथी का पानी गठिया से होने वाले दर्द में भी राहत दिलाती है।

 कैंसर से बचाए- मेथी में ढेर सारा फाइबर होता है जो कि शरीर से विषैले तत्‍वों को निकाल फेंकती है और पेट के कैंसर से बचाती है।

मधुमेह-  मेथी में galactomannan होता है जो कि एक बहुत जरुरी फाइबर कम्‍पाउंड है। इससे रक्‍त में शक्‍कर बड़ी ही धीमी गति से घुलती है। इस कारण से मधुमेह नहीं होता।

किडनी स्‍टोन- अगर आप भिगोई हुई मेथी का पानी 1 महीने तक हर सुबह खाली पेट पियेंगे तो आपकी किडनी से स्‍टोन जल्‍द ही निकल जाएगी।

शुक्रवार, 10 मार्च 2017

गुर्दे की पत्थरी के घरेलू उपचार



गुर्दे की पथरी

    किडनी स्‍टोन गलत खानपान का नतीजा है, इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। गुर्दे की पथरी होने पर असहनीय दर्द होता है। जब नमक एवं अन्य खनिज (जो मूत्र में मौजूद होते हैं) एक दूसरे के संपर्क में आते हैं तब पथरी बनती है। कुछ पथरी रेत के दानों की तरह बहुत छोटे आकार के होते हैं तो कुछ मटर के दाने की तरह। आमतौर पर पथरी मूत्र के जरिये शरीर के बाहर निकल जाती है, लेकिन जो पथरी बड़ी होती है वह बहुत ही परेशान करती है। आइए जानते हैं पत्थरी से निजात पाने के कुछ उपायों के बारे में-

1. पत्थरचट्टा के पत्ते-

   पत्थरचट्टा का पौधा पत्थरी और मूत्र संवंधी रोगों की रामवाण औषधि है। इसके दो से चार पत्ते पीसकर गर्म पानी के साथ सुवह खाली पेट सेवन करने से गुर्दे की पत्थरी कुछ ही दिनों में टूटकर पेशाव के रास्ते बाहर निकल जाती है। इसके इलावा एक गिलास पानी में पथरचटा के 10 पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाकर इस काढ़े को रोज सुबह खाली पेट सेवन करें। इस विधि से 15 दिनों के अंदर मूत्र मार्ग से पथरी बाहर निकल जाएगी।

2. जैतून का तेल और नींवू-

   जैतून का तेल और नींवू रस का सेवन पत्थरी के इलाज में काफी फायदेमंद होता है। इसका सेवन करने के लिए चार चम्मच जैतून के तेल में उतनी ही मात्रा में नींवू का रस मिलाकर खूब पानी के साथ दिन में तीन बार तीन दिन तक सेवन करें। अगर तीन दिन में पत्थरी टूटकर न निकले तो इसका सेवन कुछ दिन और किया जा सकता है।


3. मूली और आंवला-

   किड्नी स्‍टोन होने पर मूली के साथ आंवले का सेवन करना चाहिए। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है। इसमें अलबूमीन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है जिनकी वजह से इन्हें गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। इसलिए गुर्दे की पथरी होने पर आंवले का सेवन कीजिए।

4. तुलसी की पत्‍ती

   गुर्दे की पथरी होने पर तुलसी के पत्‍तों का सेवन करना फायदेमंद होता है। तुलसी के पत्तों में विटामिन बी पाया जाता है जो पथरी से निजात दिलाने में मदद करता है। यदि विटामिन बी-6 को विटामिन बी ग्रुप के अन्य विटामिंस के साथ सेवन किया जाये तो गुर्दे की पथरी के इलाज में बहुत सहायता मिलती है। शोधकर्ताओं की मानें तो विटामिन बी की 100-150 मिग्रा की नियमित खुराक लेने से गुर्दे की पथरी से निजात मिलती है।

5. बथुआ

   बथुआ भी किड़नी स्‍टोन से निजात दिलाता है। आधा किलो बथुआ लेकर इसे 800 मिलि पानी में उबालें। अब इसे कपड़े या चाय की छलनी में छान लीजिए। बथुआ की सब्जी भी इसमें अच्छी तरह मसलकर मिला लीजिए। आधा चम्‍मच काली मिर्च और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पीयें। इससे गुर्दे की पथरी निकल जाती है।

6. इलायची

   इलायची भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है। एक चम्‍मच इलायची, खरबूजे के बीज की गिरी, और दो चम्‍मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबाल लीजिए, इसे ठंडा होने के बाद छानकर सुबह-शाम पीने से पथरी पेशाब के रास्‍ते से बाहर निकल जाती है।

7. जीरा

   किड्नी स्‍टोन को बाहर निकालने में जीरा बहुत कारगर है। जीरा और चीनी को समान मात्रा में लेकर पीस लीजिए, इस चूर्ण को एक-एक चम्‍मच ठंडे पानी के साथ रोज दिन में तीन बार लीजिए। इससे बहुत जल्‍दी ही गुर्दे की पथरी से निजात मिल जाती है।

8. सौंफ

   सौंफ भी गुर्दे की पथरी के लिए रामबाण उपचार है। सौंफ, मिश्री, सूखा धनिया इनको 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए, इसे 24 घंटे के बाद छानकर पेस्‍ट बना लीजिए। इसके एक चम्‍मच पेस्‍ट में आधा कप ठंडा पानी मिलाकर पीने से पथरी पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाती है। 

9. चौलाई

   गुर्द की पथरी को गलाने के लिए चौलाई का प्रयोग कीजिए। इसके अलावा चौलाई की सब्‍जी भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, यह पथरी को गलाने के लिये रामबाण की तरह है। चौलाई को उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं। इसे दिन में 3 से 4 बार इसका प्रयोग कीजिए।

10. बेल पत्र

   बेल पत्र को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह खायें। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन, ऐसे सात दिनों तक लगातार इसका सेवन कीजिए। बाद में इसकी संख्‍या कम कीजिए, दो सप्ताह तक प्रयोग करने के बाद पथरी बाहर निकल जायेगी।

11. काली मिर्च

   काली मिर्च भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, काली मिर्च का सेवन बेल पत्‍तर के साथ करने से दो सप्‍ताह में गुर्दे की पथरी पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाती है।