शनिवार, 20 मई 2017

अजवायन खाने के फायदे

## **अजवायन खाने के फायदे और गुण | स्वास्थ्य के लिए अजवायन के चमत्कारी लाभ**  

अजवायन (Carom Seeds) भारतीय रसोई में एक महत्वपूर्ण मसाला है, जिसे न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए, बल्कि इसके औषधीय गुणों के कारण भी इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद में अजवायन को एक प्राकृतिक औषधि माना गया है, जो पेट से जुड़ी समस्याओं से लेकर सर्दी-जुकाम तक में फायदेमंद होती है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे **अजवायन के फायदे, इसके गुण और इसके उपयोग करने के तरीके।**  

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### **अजवायन के गुण (Ajwain ke Gun)**  
अजवायन में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं, जो इसे एक बेहतरीन हर्बल दवा बनाते हैं। इसमें मौजूद थायमॉल (Thymol) एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल तत्व होता है। इसके अलावा, इसमें we, प्रोटीन, मिनरल्स (कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम), और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो इसे सेहत के लिए बेहद लाभकारी बनाते हैं।  

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## **अजवायन खाने के 10 बड़े फायदे (Ajwain Khane ke Fayde)**  

### **1. पाचन शक्ति बढ़ाए**  
अजवायन पेट के लिए रामबाण मानी जाती है। यह गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करती है। एक गिलास गुनगुने पानी के साथ अजवायन लेने से पेट की समस्याओं में आराम मिलता है।  

### **2. वजन कम करने में सहायक**  
अजवायन मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे फैट जल्दी बर्न होता है। रोज सुबह खाली पेट अजवायन का पानी पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है।  

### **3. सर्दी और खांसी से राहत**  
अजवायन में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो सर्दी, जुकाम और कफ से राहत दिलाते हैं। गर्म पानी में अजवायन उबालकर पीने से गले की खराश में आराम मिलता है।  

### **4. जोड़ों के दर्द में लाभकारी**  
अजवायन का तेल गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत देता है। अजवायन को सरसों के तेल में गर्म करके प्रभावित जगह पर मालिश करने से दर्द कम होता है।  

### **5. इम्यूनिटी को मजबूत करे**  
अजवायन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे बीमारियां दूर रहती हैं।  

### **6. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे**  
अजवायन में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है। हाई बीपी के मरीजों के लिए यह बेहद फायदेमंद है।  

### **7. त्वचा के लिए फायदेमंद**  
अजवायन का पेस्ट लगाने से मुंहासे, स्किन एलर्जी और खुजली की समस्या दूर होती है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो त्वचा संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं।  

### **8. मासिक धर्म की तकलीफों में राहत**  
अजवायन का पानी पीने से पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन में राहत मिलती है। यह हार्मोन बैलेंस करने में भी मदद करता है।  

### **9. डिटॉक्स करने में मददगार**  
अजवायन शरीर से विषाक्त पदार्थ (toxins) बाहर निकालकर शरीर को डिटॉक्स करता है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर होता है।  

### **10. मुंह की दुर्गंध और दांतों की समस्या दूर करे**  
अजवायन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों के दर्द और मुंह की दुर्गंध को दूर करने में सहायक होते हैं।  

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## **अजवायन के उपयोग (Ajwain Ke Upyog)**  
1. **अजवायन पानी:** 1 चम्मच अजवायन को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छानकर पिएं।  
2. **अजवायन का काढ़ा:** सर्दी-जुकाम में इसे तुलसी और शहद के साथ उबालकर पिएं।  
3. **अजवायन और गुड़:** गैस और पेट दर्द में गुड़ के साथ अजवायन खाना फायदेमंद होता है।  
4. **अजवायन का तेल:** जोड़ दर्द और स्किन इंफेक्शन में इसका तेल लगाया जाता है।  
5. **अजवायन का पेस्ट:** त्वचा की जलन और मुंहासों के लिए इसका लेप लगाया जा सकता है।  

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## **निष्कर्ष (Conclusion)**  
अजवायन एक प्राकृतिक औषधि है, जो न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि कई बीमारियों से बचाव करने में भी मदद करती है। अगर इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं। आप अपनी दिनचर्या में अजवायन को शामिल करके इसके अद्भुत लाभ पा सकते हैं।  

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शुक्रवार, 19 मई 2017

गिलोंए रस फायदे

गिलोय के औषधिय गुण-

  गिलोय में कई गुणकारी तत्व होते हैं। यह दिखने में पान के पत्ते जैसा लगता है। इसके अन्दर कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन और स्टार्च काफी मात्रा में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

  खून की कमी दूर करने में मददगार- इसके साथ ही गिलोय आपके शरीर में खून की कमी को भी पूरा करने में काफी मददगार होता है। इसके अलावा गिलोय कई अन्य शारीरिक परेशानियों को दूर करके आपको निरोग बनाता है।


 जलन- शरीर के किसी भी हिस्से की जलन को कम करने में गिलोय काफी सहायक होता है। शरीर के किसी भी हिस्से में जलन होने पर आप बेफिक्र होकर गिलोय का सेवन कर सकते हैं। इसका काढ़ा बनाकर आप दिन में 2 या 3 बार पीएं, कुछ ही दिनों में जलन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

 पीलिया- पीलिया में गिलोय रामबाण इलाज है। पीलिया होने पर गिलोय के पत्ते लेकर उसे अच्छी तरह से पीस लें और उसका रस निकाल लें। गिलोय का रस निकालने के बाद एक गिलास मट्ठे के साथ इसे मिलाकर इसका सेवन करें।

 मोटापा कम करने में- मोटापा कम करने के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल होता है। अगर आपको भी मोटापे की समस्या है तो आप गिलोय और त्रिफला चूर्ण को शहद के साथ हर रोज सुबह-शाम ले सकते हैं।

 खुजली- बहुत लोगों को खुजली की समस्या होती है। ऐसे में गिलोय बहुत फायदेमंद होता है। गिलोय खुजली दूर करने में काफी सहायक होता है। गिलोय के पत्ते लेकर उसे हल्दी के साथ मिलाकर पीस लें और खुजली वाली जगह पर लगाइए। खुजली होने पर आप हर रोज सुबह-शाम गिलोय के रस को शहद के साथ भी ले सकते हैं।

 कान दर्द- कान के दर्द को ठीक करने में भी गिलोय काफी मददगार होता है। जब भी आपके कान में दर्द हो तो आप गिलोय के पत्ते से रस निकालकर इसे हल्का गुनगुना कर लें। गुनगुना हो जाने के बाद आप गिलोय के रस को कान में डालें। कुछ ही समय में आपको कान के दर्द से आराम मिलेगा।

सुवह खाली पेट मेथी खाने के लाभ

 खाली पेट मेथी खाने के फायदे-

   मेथी ना सिर्फ एक मसाला है बल्‍कि यह बहुत सी बीमारियों को जड़ से खत्म करने की दवा भी है। आज हम आपको मेथी के गुणों बताने जा रहे है।
 मेथी में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं जो आपकी बहुत सी बिमारियों को ठीक करने में सहायक होते हैं।

आपको करना सिर्फ इतना है कि एक पानी से भरा गिलास ले कर उसमें दो चम्‍मच मेथी दाना डाल कर रातभर के लिये भिगो दें। सुबह इस पानी को छानें और खाली पेट पी जाएं।

वजन कम करने में सहायक- यदि आप भिगोई हुई मेथी के साथ उसका पानी भी पियें तो आपको जबरदस्‍ती की भूख नहीं लगेगी। रोज एक महीने तक मेथी का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करे- मेथी में एक galactomannan नामक कम्‍पाउंड और पोटैशियम होता है। ये दो सामग्रियां आपके ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बड़ी ही सहायक होती हैं।

कोलेस्‍ट्रॉल लेवल घटाए- बहुत सारी स्‍टडीज़ में प्रूव हुआ है कि मेथी खाने से या उसका पानी पीने से शरीर से खराब कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल कम होकर अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

गठिया रोग से बचाए- इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होने के नाते, मेथी का पानी गठिया से होने वाले दर्द में भी राहत दिलाती है।

 कैंसर से बचाए- मेथी में ढेर सारा फाइबर होता है जो कि शरीर से विषैले तत्‍वों को निकाल फेंकती है और पेट के कैंसर से बचाती है।

मधुमेह-  मेथी में galactomannan होता है जो कि एक बहुत जरुरी फाइबर कम्‍पाउंड है। इससे रक्‍त में शक्‍कर बड़ी ही धीमी गति से घुलती है। इस कारण से मधुमेह नहीं होता।

किडनी स्‍टोन- अगर आप भिगोई हुई मेथी का पानी 1 महीने तक हर सुबह खाली पेट पियेंगे तो आपकी किडनी से स्‍टोन जल्‍द ही निकल जाएगी।

शुक्रवार, 10 मार्च 2017

गुर्दे की पत्थरी के घरेलू उपचार



गुर्दे की पथरी

    किडनी स्‍टोन गलत खानपान का नतीजा है, इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। गुर्दे की पथरी होने पर असहनीय दर्द होता है। जब नमक एवं अन्य खनिज (जो मूत्र में मौजूद होते हैं) एक दूसरे के संपर्क में आते हैं तब पथरी बनती है। कुछ पथरी रेत के दानों की तरह बहुत छोटे आकार के होते हैं तो कुछ मटर के दाने की तरह। आमतौर पर पथरी मूत्र के जरिये शरीर के बाहर निकल जाती है, लेकिन जो पथरी बड़ी होती है वह बहुत ही परेशान करती है। आइए जानते हैं पत्थरी से निजात पाने के कुछ उपायों के बारे में-

1. पत्थरचट्टा के पत्ते-

   पत्थरचट्टा का पौधा पत्थरी और मूत्र संवंधी रोगों की रामवाण औषधि है। इसके दो से चार पत्ते पीसकर गर्म पानी के साथ सुवह खाली पेट सेवन करने से गुर्दे की पत्थरी कुछ ही दिनों में टूटकर पेशाव के रास्ते बाहर निकल जाती है। इसके इलावा एक गिलास पानी में पथरचटा के 10 पत्तों को उबालकर काढ़ा बनाकर इस काढ़े को रोज सुबह खाली पेट सेवन करें। इस विधि से 15 दिनों के अंदर मूत्र मार्ग से पथरी बाहर निकल जाएगी।

2. जैतून का तेल और नींवू-

   जैतून का तेल और नींवू रस का सेवन पत्थरी के इलाज में काफी फायदेमंद होता है। इसका सेवन करने के लिए चार चम्मच जैतून के तेल में उतनी ही मात्रा में नींवू का रस मिलाकर खूब पानी के साथ दिन में तीन बार तीन दिन तक सेवन करें। अगर तीन दिन में पत्थरी टूटकर न निकले तो इसका सेवन कुछ दिन और किया जा सकता है।


3. मूली और आंवला-

   किड्नी स्‍टोन होने पर मूली के साथ आंवले का सेवन करना चाहिए। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से गुर्दे की पथरी निकल जाती है। इसमें अलबूमीन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है जिनकी वजह से इन्हें गुर्दे की पथरी के उपचार के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। इसलिए गुर्दे की पथरी होने पर आंवले का सेवन कीजिए।

4. तुलसी की पत्‍ती

   गुर्दे की पथरी होने पर तुलसी के पत्‍तों का सेवन करना फायदेमंद होता है। तुलसी के पत्तों में विटामिन बी पाया जाता है जो पथरी से निजात दिलाने में मदद करता है। यदि विटामिन बी-6 को विटामिन बी ग्रुप के अन्य विटामिंस के साथ सेवन किया जाये तो गुर्दे की पथरी के इलाज में बहुत सहायता मिलती है। शोधकर्ताओं की मानें तो विटामिन बी की 100-150 मिग्रा की नियमित खुराक लेने से गुर्दे की पथरी से निजात मिलती है।

5. बथुआ

   बथुआ भी किड़नी स्‍टोन से निजात दिलाता है। आधा किलो बथुआ लेकर इसे 800 मिलि पानी में उबालें। अब इसे कपड़े या चाय की छलनी में छान लीजिए। बथुआ की सब्जी भी इसमें अच्छी तरह मसलकर मिला लीजिए। आधा चम्‍मच काली मिर्च और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पीयें। इससे गुर्दे की पथरी निकल जाती है।

6. इलायची

   इलायची भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है। एक चम्‍मच इलायची, खरबूजे के बीज की गिरी, और दो चम्‍मच मिश्री एक कप पानी में डालकर उबाल लीजिए, इसे ठंडा होने के बाद छानकर सुबह-शाम पीने से पथरी पेशाब के रास्‍ते से बाहर निकल जाती है।

7. जीरा

   किड्नी स्‍टोन को बाहर निकालने में जीरा बहुत कारगर है। जीरा और चीनी को समान मात्रा में लेकर पीस लीजिए, इस चूर्ण को एक-एक चम्‍मच ठंडे पानी के साथ रोज दिन में तीन बार लीजिए। इससे बहुत जल्‍दी ही गुर्दे की पथरी से निजात मिल जाती है।

8. सौंफ

   सौंफ भी गुर्दे की पथरी के लिए रामबाण उपचार है। सौंफ, मिश्री, सूखा धनिया इनको 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए, इसे 24 घंटे के बाद छानकर पेस्‍ट बना लीजिए। इसके एक चम्‍मच पेस्‍ट में आधा कप ठंडा पानी मिलाकर पीने से पथरी पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाती है। 

9. चौलाई

   गुर्द की पथरी को गलाने के लिए चौलाई का प्रयोग कीजिए। इसके अलावा चौलाई की सब्‍जी भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, यह पथरी को गलाने के लिये रामबाण की तरह है। चौलाई को उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं। इसे दिन में 3 से 4 बार इसका प्रयोग कीजिए।

10. बेल पत्र

   बेल पत्र को पर जरा सा पानी मिलाकर घिस लें, इसमें एक साबुत काली मिर्च डालकर सुबह खायें। दूसरे दिन काली मिर्च दो कर दें और तीसरे दिन तीन, ऐसे सात दिनों तक लगातार इसका सेवन कीजिए। बाद में इसकी संख्‍या कम कीजिए, दो सप्ताह तक प्रयोग करने के बाद पथरी बाहर निकल जायेगी।

11. काली मिर्च

   काली मिर्च भी गुर्दे की पथरी से निजात दिलाती है, काली मिर्च का सेवन बेल पत्‍तर के साथ करने से दो सप्‍ताह में गुर्दे की पथरी पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाती है।

बुधवार, 8 मार्च 2017

लहसुन के औषधिय गुण


लहसुन के खाने के फायदे-

लहसुन


   लहसुन अपने स्वाद एवं एंटी बायोटिक तत्वों और सेहत लाभ के लिए जाना जाता है। इसमें कई तरह के संक्रमण को दूर करने वाले गुण होते हैं। इसे लोग भोजन में या फिर कच्चा उपयोग करते हैं। लेकिन सुवह खाली पेट लहसुन खाने के यह फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

1. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करे-

   सुबह खाली पेट लहसुन को भूनकर खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यह हृदय की नलियों में जमी वसा को बाहर निकालता है जिससे हमारा दिल स्वस्थ रहता है।

2. वजन कम करने में सहायक-

   यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो भी खाली पेट लहसुन का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने से आपका वजन घटने लगता है और मोटापा कम हो जाता है।

3. सर्दी-खांसी से बचाए-

   सर्दी के दिनों में यह सर्दी, खांसी और जुकाम से बचाता है और शरीर में गर्माहट पैदा करने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह रक्तप्रवाह को भी बेहतर बनाए रखता है।

4. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए-

   सुवह खाली पेट लहसुन खाने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है । यह अपने एंटी इंफ्लेमटरी एवं एंटी फंगल गुणों के कारण शरीर की अंदरूनी गंदगी की सफाई कर कई बीमारियों से बचाए रखता है।

5. दांत दर्द में राहत-
लहसुन1


   लहसुन में एंटी वैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण होते हैंं जिससे यह दांत दर्द में बहुत लाभदायक होता है। इसके लिए लहसुन की एक कली पीसकर दर्द वाले दांत के ऊपर दवाकर रखें।

6.उच्च रक्तचाप में फायदेमंद-

   जिस किसी को बार-बार उच्च रक्तचाप की समस्या होती है उसे खाली पेट लहसुन का सेवन जरूर करना चाहिए। लहसुन का सेवन शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है जिससे उच्च रक्तचाप की समस्या नही होती।

7. नसों की झनझनाहट दूर करे-

   खाली पेट लहसुन का प्रयोग करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है जिससे नसों की झनझनाहट दूर होती है।

8. भूख बढ़ाए-

   लहसुन में बिषाक्त पदार्थों को साफ करने के गुण होते हैं इसका सेवन करने से यह पेट में मौजूद बैक्टीरिया को दूर करता है जिससे हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहता है और पेट में एसिड नहीं बनता जिससे हमें खुलकर भूख लगती है।

9. स्वास सवंधी समस्या में फायदेमंद-
   
   खाली पेट लहसुन का सेवन करने से अस्थमा, निमोनिया, पुरानी सर्दी और कफ जैसी समस्याओं में फायदा होता है।

सोमवार, 6 मार्च 2017

शहद के साथ लहसुन खाने के फायदे

शहद के साथ रोज एक कली लहसुन की खाने के फायदे

शहद और लहसुन

   लहसुन से खाने का स्‍वाद तो बढ़ाता ही है, साथ ही इसके सेहतमंद फायदों का भी कोई जवाब नहीं है। लहसुन की ही तरह शहद भी गुणों का खजाना है। यह सौंदर्य समस्‍याओं को खत्‍म करने के साथ ही शरीर को डिटॉक्‍स करके हर तरह के इंफेक्‍शन को भी खत्‍म करता है। अगर इन दोनों को मिलाकर खाया जाए तो यह एंटिबायोटिक का काम करते हैं, जिससे कई बिमारियों को ठीक करने में मदद मिलती है।

बनाने की विधि-

   इसे बानने के लिये 2-3 बड़ी लहसुन की कलियों को हल्‍का कूट कर इसमें शुद्ध कच्‍ची शहद मिलाइये। इसे कुछ देर के लिये ऐसे ही रहने दीजिये, जिससे लहसुन में पूरा शहद समा जाए। फिर इसे सुबह खाली पेट खाएं।

   हमेशा कच्‍चे और शुद्ध शहद का ही प्रयोग करें क्‍योंकि यह कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के मदद करता है। साथ ही इसे खाने से वजन भी कम होता है। अब आइये जानते हैं कच्‍ची लहसुन और शुद्ध शहद खाने के फायदे-

मोटापा कम करने में सहायक-

   मोटापे की समस्या आम हो गई है। इससे छुटकारा पाने के लिए लोग बहुत से तरीके अपनाते है लेकिन शहद और लहसुन को मिलाकर खाने से मोटापा काफी हद तक घटता है।

दिल को रखे स्वस्थ-

  शहद और लहसुन को मिलाकर खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल मे रहता है। इसके सेवन से दिल की धमनियों मे जमा बसा बाहर निकल जाती है जिससे ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप से चलता रहता है जो दिल के लिए बेहद फायदेमंद है।

दांतों के लिए लाभदायक-

  शहद और लहसुन मिलाकर फॉस्फोरस की मात्रा बढ़ जाती है जिससे दांत मजबूत बनते है।

कैंसर में लाभदायक-

  शहद और लहसुन के मिश्रण में एंटीऑक्सीडेंट होते है जो कैंसर से लड़ने में मददगार होता है। इसीलिए कैंसर के मरीजों को इन दोनों चीजों का सेवन करना चाहिए।

फंगल इंफेक्शन से बचाए-

  हमारे शरीर में फंगल इंफेक्शन होने का डर बना रहता है। इन दोनों चीजों में एंटी-बैक्टीरियल होता है जो फंगल इंफैक्शन दूर करने में सहायक होता हैं।

सर्दी जुकाम में लाभदायक-

   रोजाना शहद और लहसुन खाने से हमारे शरीर को गर्मी मिलती है और सर्दी-जुकाम जैसी छोटी-छोटी परेशानियों से राहत मिलती हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए-

   शहद और लहसुन का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है जिससे हम मौसम के प्रभाव से होने वाली बिमारियों से बच जाते हैं।

गले के इंफक्शन में लाभदायक-

  शहद और लहसुन के मिश्रण में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जिससे इसका सेवन से गले की खराश और सूजन दूर होती  है।

डायरिया से बचाए-

   शहद और लहसुन का सेवन हमारे पाचन तंत्र को ठीक रखता है जिससे पेट में संक्रमण नहीं होता और डायरिया जैसी समस्या नहीं होती।

रविवार, 5 मार्च 2017

सफेद दाग का उपचार

  सफेद दाग का उपचार-

सफेद दाग

    शरीर के किसी भी अंग में सफेद धब्बे होना आम बात है। इन्हें  सफेद दाग कहा जाता है यह एक जटि‍ल समस्या है जो आसानी से ठीक नहीं होती। डॉक्टर्स इसके लिए अलग-अलग कारणों को जिम्मेदार बताते हैं जिनमें मेलेनिन बनाने वाली कोशि‍काओं पर प्रतिरोधकता का प्रभाव, अनुवांशि‍कता, पराबैंगनी किरणों का प्रभाव, अत्यधि‍क तनाव, विटामिन बी 12 की कमी, त्वचा पर किसी प्रकार का संक्रमण होना आदि। सफेद दाग को कुष्ठ रोग या फिर ल्यूकोडर्मा के नाम से भी जाना जाता है। यदि आप इस बीमारी जल्द निजात पाना चाहते हैं तो इसके लिए आप इन घरेलू चीजों का प्रयोग करें। इससे आप इस बीमारी से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैंं।

1. नारियल का तेल-

   नारियल तेल सफेद दाग को दूर करने के का सबसे अच्छा उपचार है इसमें जीवाणू रोधी और संक्रमण विरोधी तत्व पाए जाते हैं। इसका उपयोग त्वचा को बाहरी संक्रमण से बचाता है। सफेद दाग को दूर करने के लिए आप इस तेल से दिन में 2 से 3 बार त्वचा की मसाज करें।

2. ताबें के बर्तनों का उपयोग-

   तांबा तत्व, त्वचा के मेलेनिन के निर्माण में खास भूमिका अदा करता है, इसलिए आप ताबें के बर्तन में रात भर पानी भरकर रख दें और इसका उपयोग रोज सुबह बांसी मुंह करें। ये शरीर के अंदर की गंदगी को साफ कर त्वचा तो रोग मुक्त बनाता है।

3. नीम की पत्तियों का उपयोग-
सफेद दाग1


   नीम त्वचा संबंधित रोग के उपचार के लिए कारगर औषधि मानी जाती है। यह शरीर के खून को साफ करता है। इसके अतिरिक्त यह एक बेहतरीन संक्रमणरोधी और रक्तशोधक औषधि होती है। नीम की पत्तियों के छाछ के साथ मिलाकर पीस लें और फिर इसका लेप तैयार करें। इस लेप के आप सफेद दाग में प्रतिदिन लगाएं और सूख जानें के बाद इसे धो लें। इसके परिणाम आपको जल्द ही देखनें को मिलेंगे।

4. हल्दी का उपयोग-

   औषधिय गुणों से भरपूर हल्दी में एंटीसेप्टिक की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह त्वचा को साफ कर, इसमें निखार लाने का काम करती है। इसका उपयोग करने से त्वचा के संक्रमण दूर होते है। सफेद दाग से छुटकारा पाने के लिए सरसों के तेल और हल्दी का लेप तैयार करें, इसे बनाने के लिए आप एक कटोरी में लगभग 250 ग्राम सरसों का तेल और 3 से 4 बड़े चम्मच हल्दी पाउडर डालकर मिला लें। अब इस लेप को आप दिन में दो बार प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं, सालभर में ही आपको अंतर देखने को मिलने लगेगा।

5. अदरक-

   अदरक रक्त संचार को बेहतर बनाने और मेलेनिन का निर्माण करने में सहायक होता है। इसका उपयोग सफेद दाग के उपचार में सहायक होता है। इसके इस्तेमाल के लिए इसका रस निकाल कर प्रभावित स्थान पर लगाएं। इसके इलावा अदरक के रस का पानी में मिलाकर सेवन करना भी फायदेमंद होता है।

6. सेव का सिरका-
                सफेद दाग2
   सेब के सिरके को प्रभावित स्थान पर लगाने से सफेद दाग से बचाव में फायदा होता है। एक गिलास पानी में एक चम्मच सेव का सिरका मिलाकर पीना भी फायदेमंद होता है।

7. तुलसी का तेल-

    सफेद दाग वाली जगह पर तुलसी का तेल लगाने से सफेद दाग से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

8.  ऐलोवेरा-

   त्वचा रोगों में ऐलोवेरा का उपयोग बहुत फायदेमंद होता है। इसका उपयोग करने के लिए ऐलोवेरा जेल को प्रभावित स्थान पर लगाएं। इसके इलावा इसका आधा कप जूस सुवह के समय पीना भी फायदेमंद होता है।

9.  लाल मिट्टी-

    लाल मिट्टी मेंं तांवा पाया जाता है जो त्वचा रोगों को ठीक करने में सहायक होता है। लाल मिट्टी में अदरक का रस मिलाकर सफेद दाग वाले स्थान पर लगाने से इससे छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

सोमवार, 23 जनवरी 2017

दूध के साथ केला खाने के फायदे

  केले और दूध में काफी पोषक तत्व पाये जाते हैं।  केले में विटामिन ए, वी, सी, ई और मिनरल्स पोटैशियम , जिंक , आयरन आदि कई पोषक तत्व हैं और दूध से भी प्रोटीन , विटामिन, फायवर, और मिनरल्स काफी मात्रा में मिल जाते हैं। ज्यादातर लोग फिट रहने के लिए दूध-केला की डाइट लेते है। इसे पीने से आपका वजन भी कम होता है। वजन कम करने के साथ इसके हमें और भी बहुत से फायदें होते है। तो आइए जानते है इन फायदों के बारे में-

केला और दूध

केला और दूध एक साथ लेने के फायदे-

  1. वजन कम करने में सहायक- केले में 100 कैलोरी और दूध में 80 से अधिक कैलोरी पाई जाती है। मलाई रहित दूध फैट फ्री होता है और इसमे कोलेस्ट्रोल कम होता है। इसलिए आपको वजन कम करने के लिए दिन में इस डाइट (दो केले और एक गिलास दूध) को 3 बार लेना चाहिएं तभी आप 1000 से कम कैलोरी लेंगे। दिन में एक हजार से कम कैलोरी वजन कम करने में सहायक होती है।

2. त्वचा के लिए फायदेमंद- केले और दूध के सेवन से त्वचा साफ और चमकदार होती है। इससे मुहासों के निशान मिटते हैं और चेहरे को प्राकृतिक सुंदरता मिलती है। इसके इस्तेमाल से दांत सफेद करने में भी मदद मिलती है।

3. खून में वृद्धि करने वाला- केला खून बढाने बाला होता है।इसके इस्तेमाल से खून में वृद्धि होती है और दूध से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इन दोनों के साथ उपयोग से शरीर बलवान बनता है।

केला और दूध1


4. शरीर की टूट फूट की मुरम्मत में सहायक- इसके सेवन से शरीर की टूटी-फूटी कोशिकाओं की मुरम्मत होती है। इससे शरीर को आवश्यक ऊर्जा भी मिलती है।

5. शरीर को मिले भरपूर पोषण- केला और दूध साथ लेने के से शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, फाइबर और मिनरल के रूप में भरपूर पोषण मिलता है। जो पोषण हमें इससे मिलता है वह हमारे शरीर की ग्रोथ के लिए बहुत अच्छा है।

6. हड्डियां मजबूत होती हैं- केले और दूध के सेवन से काफी मात्रा में कैल्शियम मिलता है जो हमारी हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत लाभदायक होता है। इससे प्रोटीन भी काफी मात्रा में मिलती है जो हमारी वाॅडी मसल्स की मजबूती के लिए बहुत अच्छी होती है।

सावधानी- 

  वजन कम करने के लिए केला और दूध की डाइट लेते समय कैलोरी कम होने की वजह से आपको कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर अापको एेसा होता है तो अाप एक टाइम सामान्य खाना ले सकते हैं और दो टाइम केला दूध। महिलाअों को मासिक धर्म के दौरान ये डाइट नहीं लेनी चाहिए क्योंकि एेसे समय में उनकी आयरन की जरूरत इस डाइट को खाने से पुरी नहीं होगी।

दूध के साथ गुड़ खाने के फायदे


   ज्यादातर लोग गुड का इस्तेमाल स्वाद के लिए करते हैं। कुछ लोग तो गुड़ खाना भी पसंद नही करते लेकिन क्या आपको पता है कि गुड़ स्वाद के साथ ही सेहत का भी खजाना है, जिससे कई बीमारियों से मुक्ति भी पाई जा सकती है। गुड़ में सुक्रोज, गलुकोज और मिनरल काफी मात्रा में पाये जाते हैं जो हमें स्वस्थ रखने के लिए हमारी सहायता करते हैं।   दूध में विटामिन A, विटामिन B, विटामिन D, कैल्शियम और प्रोटीन आदि काफी मात्रा में पाया जाता है जो हमारे स्वास्थय के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह तो सब जानते हैं दूध पीना सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है लेकिन गुड़ को दूध में मिलाकर पीने के इन फायदों के बारे में बहुत से लोग नहीं जानते होंगे। तो आइए जानते है इसके फायदों के बारे में-
दूध और गुड़

गुड़ को दूध में मिलाकर पीने के फायदे

  1. खून साफ करे- गुड़ में ऐसे गुण होते हैं जो हमारे अशुद्ध खून को शुद्ध करते हैं। इसका सेवन करने से हमारा खून शुद्ध होता है और दूध हमारे शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है। इसका रोज इस्तेमाल हमें बिमार होने से बचाता है।
  2. पाचन तंत्र को ठीक रखता है- गुड़ को दूध में मिलाकर पीने से हमारी पाचन क्रिया से जुड़ी सारी समस्याएं दूर हो जाती है। यह हमारे पाचन तंत्र को ठीक रखता है जिससे पेट संबंधी बिमारियां ठीक हो जाती हैं। 
  3. थकान दूर करे- अगर आप थक जाएं तो दूध के साथ गुड़ का सेवन करें तुरन्त फायदा होगा।
  4. जोड़ों का दर्द ठीक करे- जोड़ों के दर्द में हर रोज गुड़ और छोटा पीस अदरक का गरम दूध के साथ खाएं। ऐसा करने से आपके जोड़ मजबूत होंगे और दर्द भी दूर हो जाएगा।
  5. त्वचा को मुलायम और खूबसूरत बनाए- गुड़ और दूध मिलाकर पीने से खून साफ होता है जिससे त्वचा मुलायम बनती है। चेहरे पर कील, मुंहासे दूर होते हैं जिससे चेहरा सुंदर दिखाई देता है।
  6. पीरियड्स का दर्द दूर करे- गुड़ को गर्म दूध में मिलाकर पीने से महिलाओं को पीरियड्स के दर्द से आराम मिलता है। पीरियड से एक सप्ताह पहले से इसका इस्तेमाल शुरू कर दे। इससे पीरियड्स के दौरान दर्द से निजात मिलती है।
  7. खून की कमी दूर करे-  गर्भवती महिलाओं को थकावट और कमजोरी को दूर करने से लिए गुड़ का सेवन करने के सलाह दी जाती है। अगर गर्भवती महिला हर रोज गुड़ को दूध में मिलाकर पिए तो उन्हें खून की कमी या एनीमिया नहीं होता।
  8. शरीर को ताकतवर बनाए- गुड़ और दूध को मिलाकर पीने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं जिससे शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है।
  9. अस्थमा में लाभदायक- अस्थमा की शिकायत में गुड़ और काले तिल के लड्डू बना कर दूध के साथ सेवन करें। इससे अस्थमा में फायदा होता है।
  10. - मोटापा कंट्रोल करने में सहायक- अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो इसे बचने के लिए गुड़ को चीनी की जगह दूध में डाल कर पीएं। इससे मोटापे को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। 

शनिवार, 21 जनवरी 2017

हल्दी मिलाकर दूध पीने के फायदे

   यह तो आप सभी जानते हैं कि दूध पीने के अनेक फायदे हैं लेकिन इसके साथ हल्दी को मिलाकर पीने के इतने फायदे हैं यह आप नहीं जानते होंगे। तो आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में-

 दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम होते है, जिनसे कई बीमारियां और परेशानियां दूर होती है, जैसे हड्डियां मजबूत, हार्ट प्रॉबल्म, अनिंद्रा अन्य आदि। 
  हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटी वायोटिक गुण होते हैं जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं । अगर दुध और हल्दी को मिलाकर पिया जाए तो यह और भी बेहतर सावित होता है।

हल्दी बाला दूध बनाने की विधि- 

  हल्दी बाला दूध बनाने के लिए 1/4 चमच्च हल्दी को एक गिलास दूध में अच्छी तरह उवालें।

हल्दी मिला दूध

हल्दी मिले दूध के फायदे- 

  1.   नींद न आने पर - हल्दी में अमीनो एसिड होता है, जिससे अनिंद्रा की परेशानी दूर होती है। नींद न आने पर हल्दी मिला दुध सोने से कम से कम आधा घंटा पहले पीने से फायदा मिलता है।
  2. सर्दी जुकाम होने पर- हल्दी मिला दूध सर्दी, जुकाम या कफ की समस्या होने पर अत्याधिक लाभकारी है। गर्म दूध फेफड़ों मे जमे हुए कफ को बाहर निकाल देता है। इसका नित्य सेवन सर्दी के मौसम में स्वास्थ बनाए रखता है।
  3. चोट लगने पर- अंदरूनी या बाहरी चोट लगने पर आधा चमच्च हल्दी मिला एक गिलास दूध रोज पीना बहुत लाभदायक होता है। हल्दी के एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण यह चोट की जगह पर बैक्टीरिया को पनपने नहीं देती जिससे चोट के जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है।
  4. शरीर के दर्द और जोड़ों के दर्द में लाभदायक- दूध में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है और वहीं हल्दी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है। इसके नियमित सेवन से हड्डियों से संबंधित रोगों जैसे गठिया , वाय और जकड़न जैसे रोगों में बहुत फायदा होता है। हल्दी मिला गर्म दूध मासपेसियों को लचीला बनाता है जिससे इन रोगों में होने वाला दर्द ठीक होता है। 
  5. त्वचा को साफ और खूवसूरत बनाता है- हल्दी मिला दूध पीने से त्वचा साफ और खूवसूरत बनती है। हल्दी के एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण यह त्वचा संबंधी समस्यांओं जैसे कील, मुहासे और इंफेक्शन आदि को ठीक करती है। 
  6. सांस संबंधी समस्याओं में लाभदायक- हल्दी के गुणों के कारण यह सांस संबंधी समस्याओं जैसे दमा, फेफड़ों में जकड़न और कफ आदि से राहत देता है। गर्म दूध शरीर में गर्मी का संचार करता है जिससे सांस लेने में राहत महसूस होती है। 
  7. बल्ड शूगर को कम करता है- हल्दी मिला दूध खून में शर्करा की मात्रा को कम करता है, जिससे यह बल्ड शूगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसका अत्याधिक इस्तेमाल खून में शर्करा की मात्रा को खत्म कर सकता है जिससे यह नुकसानदायक भी हो सकता है। इसका इस्तेमाल सावधानी से करें। 
  8. वजन कम करने में मदद- हल्दी बाला दूध पीने से शरीर में जमा फालतू चर्वी को कम करने में मदद मिलती है। चर्वी कम होने से वजन कम होता है। 
  9. कैंसर को रोकता है- हल्दी बाला दूध कैंसर को होने से रोकता है। यह कीमोथैरेपी के दुष्प्रभाव को भी कम करता है। 
  10. आंत को स्वस्थ रखता है- हल्दी बाला दूध पीने से आंत स्वस्थ रहती है। यह पेट की अंदरूनी चोटों को भी ठीक करता है । इससे पाचन ठीक होता है और अल्सर, डायरिया और अपच जैसी पेट की समस्यांए नहीं होती।